01

प्रॉपर्टी की सही पहचान लें

विक्रेता के बैनामे में दर्ज पता, गाँव या मोहल्ला, जहाँ लागू हो प्लॉट या गाटा संख्या और सर्वे या प्रॉपर्टी नंबर माँगें। इन्हें दिखाई जा रही जगह से मिलाएं। अनुमानित मैप पिन या कई फ्लैटों वाली इमारत का केवल नाम गलत मिलान या छूटी हुई प्रविष्टि का कारण बन सकता है।

02

CERSAI की सार्वजनिक खोज करें

CERSAI की आधिकारिक वेबसाइट खोलें, Public Search में जाकर अचल संपत्ति के लिए Asset Based Search चुनें। पोर्टल के वर्तमान फॉर्म और वहीं दिखे शुल्क का पालन करें; प्रॉपर्टी पहचान और खोज तारीख के बिना भेजी गई रिपोर्ट पर निर्भर न रहें। भरा विवरण और परिणाम संभालें ताकि स्वतंत्र सलाहकार जाँच सके कि रिकॉर्ड इसी प्रॉपर्टी का है या नहीं।

03

प्रविष्टि मिले तो उसका अर्थ पूछें

सुरक्षा हित की प्रविष्टि दिखे तो उसमें लिखी संपत्ति और ऋणदाता का विवरण विक्रेता के कागज़ों से मिलाएं। विक्रेता और ऋणदाता से वर्तमान स्थिति, दर्ज हित हटाने और मूल टाइटल कागज़ लौटाने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ पूछें। 'कर्ज चुका दिया' सुनकर प्रविष्टि अनदेखी न करें; ऋणदाता का रिकॉर्ड और रजिस्टर का बदलाव जाँचें।

04

खाली परिणाम की सीमा समझें

भारतीय रिज़र्व बैंक CERSAI को दर्ज सुरक्षा हित खोजने और एक ही प्रॉपर्टी पर कई ऋण के जोखिम को कम करने वाला रजिस्टर बताता है। पहचान अलग होने या प्रविष्टि दर्ज या अपडेट न होने से रिकॉर्ड खोज में छूट सकता है। इसलिए खाली परिणाम सभी कर्ज, दावों या टाइटल समस्याओं के न होने का प्रमाण नहीं है। भुगतान से पहले खास सौदे की स्वतंत्र दस्तावेज़ जाँच कराएं।

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दोनों खोजों को अलग रखें

यूपी का बारह साला प्रमाणपत्र मांगी गई प्रॉपर्टी और अवधि के लिए पंजीकरण विभाग का रिकॉर्ड खोजता है। CERSAI की Asset Based Search सुरक्षा हित के रिकॉर्ड का अलग सवाल देखती है। दोनों परिणाम बैनामों की कड़ी और संबंधित ग्रामीण भूमि के वर्तमान रिकॉर्ड के साथ रखें। पता, मालिक या भूखंड नंबर में अंतर हो तो दोनों खोजें एक ही प्रॉपर्टी की मानने से पहले उसे सुलझाएं।

अगला कदम

साफ़ पता मालिक से पूछ सकता है कि प्रॉपर्टी पर कोई ऋण है या नहीं और खरीदार की स्वतंत्र जाँच के लिए सही पहचान जुटा सकता है। कर्ज बंद होने या दर्ज हित हटने की पुष्टि मालिक और ऋणदाता करें; खरीदार अपनी ताज़ी खोज और पेशेवर कागज़ी जाँच पर भरोसा करें।

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