नक्शा खोलने से पहले पहचान लें
विक्रेता के कागज़ों में जैसा लिखा है, वैसा ही जनपद, तहसील, राजस्व गाँव और प्लॉट या गाटा नंबर माँगें। यह भी पूछें कि पूरा दर्ज भूखंड बेचा जा रहा है या उसका केवल हिस्सा। सड़क का नाम या व्हाट्सऐप पिन जगह तक पहुँचा सकता है, लेकिन राजस्व भूखंड की पहचान नहीं करता।
ग्रामीण नक्शे की आधिकारिक सेवा खोलें
यूपी स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ग्रामीण संपत्ति या भूमि के नक्शे के लिए यूपी भू-नक्शा लिंक देता है; शहरी क्षेत्र के लिए अलग GIS नक्शा सूचीबद्ध है। आधिकारिक भू-नक्शा पेज पर जनपद, तहसील और गाँव चुनें, फिर प्लॉट नंबर डालें। दिखने वाली आकृति समझने से पहले चुना हुआ गाँव और नंबर दोबारा देखें; किसी दूसरे गाँव में वही नंबर हो सकता है।
एक ही जमीन के तीन विवरण मिलाएं
नक्शा, विक्रेता का विलेख और संबंधित खसरा या खतौनी साथ रखें। गाँव, प्लॉट नंबर, लिखा क्षेत्रफल और आसपास की पहचान मिलाएं; अंतर हो तो नोट करें। पंजीकरण विभाग कृषि भूमि के हस्तांतरण में खसरा और खतौनी की नकल को आवश्यक कागज़ों में गिनता है। इसलिए कटा हुआ नक्शा स्क्रीनशॉट ही पर्याप्त न मानें।
साइट पर सवाल जाँचें
विज़िट में रास्ता और विक्रेता द्वारा दिखाई गई वास्तविक जमीन देखें। नक्शे की आकृति से यह पता नहीं चलता कि रास्ता इस्तेमाल योग्य है, बाड़ दर्ज सीमा पर है या बड़े प्लॉट का केवल हिस्सा बेचा जा रहा है। अंतर लिखें और जहाँ जरूरी हो, सर्वे, बँटवारे या रास्ते से जुड़े कागज़ माँगें।
अंतर सुलझाए बिना भुगतान न करें
नंबर, क्षेत्रफल या सीमा अलग हो तो सौदा रोककर संबंधित राजस्व कार्यालय या योग्य सर्वे पेशेवर से भूखंड की पहचान और माप समझें। स्वतंत्र प्रॉपर्टी वकील से विलेखों की कड़ी और प्रतिबंध जँचवाएं। पंजीकरण विभाग भी पोर्टल के डेटा को संबंधित अधिकारियों के जारी कागज़ों से सत्यापित करने को कहता है; स्क्रीन पर नक्शा दिखना खरीद की मंजूरी नहीं है।
अगला कदम
साफ़ पता विज़िट तय करने से पहले मालिक से सही गाँव, गाटा नंबर, क्षेत्रफल का आधार और उपलब्ध रिकॉर्ड पूछ सकता है। किसी खास ग्रामीण प्लॉट के लिए इन्हीं तथ्यों से अपनी नक्शा, साइट और कागज़ की जाँच करें।
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