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भूखंड और योजना क्षेत्र पहचानें

गाँव या मोहल्ला, जहाँ लागू हो वार्ड, प्लॉट या गाटा संख्या, मापा हुआ क्षेत्रफल और लोकेशन पिन लें। पिन से जगह तक पहुँचें, फिर भूखंड को कागज़ों से मिलाएं। शाहजहाँपुर जिले में कई स्थानीय निकाय हैं; शहर की योजना तिलहर, पुवायां, जलालाबाद या ग्रामीण गाँव के हर प्लॉट पर लागू है, यह न मानें।

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जिले के महायोजना पेज से शुरू करें

जिला प्रशासन की वेबसाइट पर शाहजहाँपुर महायोजना 2031 का पेज खोलें और दस्तावेज़ लिंक देखें। योजना प्राधिकरण से पूछें कि उस जगह के लिए कौन-सा संस्करण प्रभावी है और भूखंड उसकी सीमा में आता है या नहीं। बड़े नक्शे में स्क्रीन पर रंग देखकर अनुमान लगाना किसी खास भूखंड की पुष्टि नहीं है।

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भू-उपयोग का जवाब लिखित में पूछें

शाहजहाँपुर नगर निगम का नगर नियोजन विभाग संरचनात्मक योजना, भूमि विकास और सड़क चौड़ीकरण को अपने कामों में बताता है। उसी विभाग या उसके बताए प्राधिकरण से पहचाने गए भूखंड का भू-उपयोग और सड़क या दूसरी योजना के लिए कोई आरक्षण है या नहीं, यह पूछें। जवाब देने वाला कार्यालय, तारीख और संदर्भ लिखकर रखें।

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योजना और भवन मंजूरी को अलग समझें

योजना में भू-उपयोग और किसी खास लेआउट या भवन की मंजूरी अलग सवाल हैं। राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल शाहजहाँपुर नगर निगम की भवन-योजना मंजूरी सेवा बताता है। विक्रेता लेआउट या भवन को मंजूर बताए तो मंजूरी संख्या और नक्शे माँगें, फिर जारी करने वाले प्राधिकरण से जाँचें; विज्ञापन पर निर्भर न रहें।

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टाइटल और साइट की जाँच भी करें

योजना से मालिकाना हक, सीमा, रास्ता या जमीन की हालत साबित नहीं होती। भूखंड को संबंधित रजिस्ट्री और भूमि रिकॉर्ड से मिलाएं, साइट देखें और लेनदेन के कागज़ों की स्वतंत्र पेशेवर जाँच कराएं। भविष्य के उपयोग के वादे पर भुगतान करने से पहले ये कदम उठाएं।

अगला कदम

किसी खास प्लॉट के लिए साफ़ पता से सही भूखंड संख्या, इलाका, माप का आधार और मालिक के दिए मंजूरी कागज़ माँगें। इन्हीं विवरणों से संबंधित योजना कार्यालय में पुष्टि कराएं।

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