01

दो मूल्यों को अलग रखें

यूपी स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के शुल्क कैलकुलेटर में प्रतिफल मूल्य और नवीनतम मूल्यांकन सूची के अनुसार मूल्य के अलग खाने हैं। खरीद की योजना में यह अंतर काम आता है: सौदे की कीमत वह है जिस पर पक्षकार बात कर रहे हैं; सूची का मूल्य सरकारी मूल्यांकन का आधार है। अकेली सूची की दर से यह साबित नहीं होता कि कोई खास प्रॉपर्टी कितने में बिकेगी।

02

मूल्यांकन के लिए सही जगह पहचानें

पूरे कस्बे की बताई हुई एक दर पर भरोसा न करें। विभाग की पंजीकरण पुस्तिका तहसील, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र, वार्ड या परगना और गाँव या मोहल्ला चुनने को कहती है। शाहजहाँपुर शहर, तिलहर, पुवायां, जलालाबाद या कलान में किसी दूसरी जगह की दर से तुलना करने से पहले अपने भूखंड के ये विवरण पक्के करें।

03

प्रॉपर्टी का प्रकार और माप मिलाएं

उसी पुस्तिका में प्लॉट, भवन और कृषि भूमि अलग प्रकार हैं; भवन के लिए और विवरण भी माँगे जाते हैं। क्षेत्रफल की इकाई, माप और वास्तविक उपयोग पूछें तथा संबंधित रिकॉर्ड जँचवाएं। दूसरे प्रकार या मोहल्ले की दर से निकला अनुमान भ्रामक हो सकता है।

04

वर्तमान स्थानीय सूची और खर्च का अनुमान लें

विभाग के FAQ के अनुसार किसी खास गाँव या मोहल्ले की दर सूची पंजीकरण कार्यालय से माँगी जा सकती है। संबंधित कार्यालय से उस जगह की वर्तमान सूची पूछें। फिर सही विलेख प्रकार और मूल्यों के साथ आधिकारिक स्टाम्प व पंजीकरण शुल्क कैलकुलेटर से अनुमान लें। भुगतान से पहले कार्यालय या स्वतंत्र पेशेवर से रकम और कागज़ों की पुष्टि करें।

05

सिर्फ दर नहीं, पूरा फैसला देखें

प्रस्तावित खरीद कीमत, अनुमानित पंजीकरण खर्च और तय ब्रोकरेज या अन्य खर्च एक जगह लिखें। टाइटल, रास्ता, वास्तविक क्षेत्रफल और प्रॉपर्टी की हालत अलग से जाँचें। मूल्यांकन सूची इन सवालों का जवाब नहीं देती और लेनदेन के कागज़ों की स्वतंत्र जाँच का विकल्प नहीं है।

अगला कदम

किसी खास प्रॉपर्टी के लिए साफ़ पता से सही मोहल्ला या गाँव, प्रॉपर्टी का प्रकार, माप का आधार और माँगी गई कीमत पूछें। प्रस्ताव देने से पहले इन्हीं तथ्यों से अपनी मूल्यांकन और दस्तावेज़ी जाँच शुरू करें।

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